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‘माँ तुझे प्रणाम‘ योजनान्तर्गत प्रदेश की बेटियों के दलों ने बाघा बार्डर और हुसैनीवाला के लिए किया प्रस्थान

‘माँ तुझे प्रणाम‘

‘माँ तुझे प्रणाम‘

बेटियों के दो दलों को टी.टी. नगर स्टेडियम से खेल संचालक ने किया रवाना

सरकार की महत्वाकांक्षी ‘‘माँ तुझे प्रणाम’’ योजना के अंतर्गत देश की अन्तर्राष्ट्रीय सरहद बाघा बार्डर और हुसैनीवाला (पंजाब) की अनुभव यात्रा के लिए 72-72 सदस्यीय युवतियों के दो दल पठानकोट एक्सप्रेस से आज रवाना हुए। दलों को संचालक खेल और युवा कल्याण डाॅ. एस.एल. थाउसेन ने आज टी. टी. नगर स्टेडियम से रवाना किया। उन्होंने दल प्रभारियों श्री प्रदीप अस्टैया डी.एस.ओ. पन्ना एवं मोहम्मद अहमद खान डी.एस.ओ. सतना को राष्ट्रीय ध्वज सौंपे जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर फहराएं जाएगें। यह दोनों दल 18 अगस्त, 2018 को भोपाल वापसी करेंगे।
टी.टी. नगर स्टेडियम से प्रस्थान करने वाले इस दल में दमोह, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, टीकमगढ़, पन्ना और छतरपुर जिले की बेटियां शामिल हैं।
‘माँ तुझे प्रणाम‘
अनुभव यात्रा पर जा रहे दोनों दलों की सदस्यों से खेल संचालक डाँ. एस.एल. थाउसेन ने परिचय प्राप्त कर उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वपूर्ण ‘‘मां तुझे प्रणाम’’ योजना का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की अनुभव यात्रा कराना और उन्हें राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘‘मां तुझे प्रणाम’’ योजना का गंभीरता के साथ क्रियान्वन किया जा रहा है। खेल संचालक डाँ. थाउसेन ने दल की सदस्यों को अनुशासन में रहने की समझाइश देते हुए कहा कि कि आप मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं अतः अनुशासन में रहकर दल प्रभारी के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कठिन परिस्थितियों में हमारी सेना के जवान किस प्रकार दिन रात कार्य कर रहे हैं यह देखने-समझने एवं महसूस करने के लिए ही आपको अनुभव यात्रा करायी जा रही है। उन्होंने दल के सदस्यों को अनुभव यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मौजूद जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी एवं योजना प्रभारी श्री ओ.पी. हारोड़ ने बताया कि योजना अंतर्गत आज ही इंदौर से 72 सदस्यीय युवतियों का एक दल भी कौच्चि के लिए रवाना हुआ है। उन्होंने बताया कि 10 जून, 2013 से संचालित ‘माँ तुझे प्रणाम‘ योजना के अंतर्गत अभी तक साढ़े 10 हजार से अधिक युवाओं को देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की अनुभव यात्रा कराई जा चुकी है और यात्रा का यह क्रम निरतर जारी है।