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“माँ तुझे प्रणाम” खेल मंत्री ने सरहद पर जा रहे युवाओं के दल को किया रवाना

“माँ तुझे प्रणाम” योजनान्तर्गत युवाओं के दल ने बाघा बार्डर और हुसैनीवाला के लिए किया प्रस्थान

माँ तुझे प्रणाम

माँ तुझे प्रणाम

देश की अन्तर्राष्ट्रीय सरहद बाघा बार्डर और हुसैनीवाला (पंजाब) की अनुभव यात्रा के लिए 72 सदस्यीय युवाओं के दल को प्रदेश की खेल और युवा कल्याण मंत्री मान. यशोधरा राजे सिंधिया ने आज टी. टी. नगर स्टेडियम से रवाना किया। उन्होंने दल प्रभारी श्री नरेन्द्र श्रीवास्तव जिला प्रशिक्षक उज्जैन को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर फहराया जाएगा। यह दल 12 सितम्बर,2018 को भोपाल वापसी करेगा। टी.टी. नगर स्टेडियम से प्रस्थान करने वाले इस दल में राजगढ़, रायसेन और भोपाल जिले के युवा शामिल हैं।
इस अवसर पर संचालक खेल और युवा कल्याण डाॅ. एस.एल. थाउसेन, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी एवं योजना प्रभारी श्री ओ.पी. हारोड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सरकार की अभिनव योजना “माँ तुझे प्रणाम”
खेल और युवा कल्याण मंत्री मान. यशोधरा राजे सिंधिया ने अनुभव यात्रा पर जा रहे युवाओं से परिचय प्राप्त किया और उनका मार्गदर्शन करते हुये कहा कि ‘माँ तुझे प्रणाम‘ योजना सरकार की महत्वपूर्ण और अभिनव योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की अनुभव यात्रा पर भेजकर उन्हें राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें सरहद पर जाकर देश की सेवा में तैनात जवानों के जज्वे से रूबरू होने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कठिन परिस्थितियों में हमारी सेना के जवान विषम परिस्थितियों में देश की सुरक्षा कर रहे हैं यह देखने-समझने एवं महसूस करने के लिए ही आपको अनुभव यात्रा करायी जा रही है। उन्होंने दल के सदस्यों को अनुशासन में रहकर अनुभव यात्रा करने की समझाइश देते हुए कहा कि आप सभी मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं अतः अनुशासन में रहकर दल प्रभारी के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। खेल मंत्री ने दल के सदस्यों को अनुभव यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।
संचालक खेल और युवा कल्याण डाॅ.एस.एल. थाउसेन ने बताया कि खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा “माँ तुझे प्रणाम” योजना का 10 जून, 2013 से क्रियान्वयन किया जा रहा है और अभी तक साढ़े 10 हजार से अधिक युवाओं को देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की अनुभव यात्रा कराई जा चुकी है।